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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में किस महीने से उलà¥â€à¤Ÿà¥€ शà¥à¤°à¥‚ होती है?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ का à¤à¤• जाना पहचाना लकà¥à¤·à¤£ है उलà¥â€à¤Ÿà¥€à¥¤ अमूमन हर महिला को पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ महीनों में उलà¥â€à¤Ÿà¥€ होती ही है। इस समय उलà¥â€à¤Ÿà¥€ और मतली होने को मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस कहा जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के सबसे सामानà¥â€à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है उलà¥â€à¤Ÿà¥€ होना। लगà¤à¤— 70 फीसदी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को उलà¥â€à¤Ÿà¥€ और मतली होती ही है। हालांकि, कà¥à¤› महिलाओं को पूरे नौ महीने तक यह दिकà¥â€à¤•त रह सकती है।कà¥â€à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में उलà¥â€à¤Ÿà¥€ होना नॉरà¥à¤®à¤² है
जी हां, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में उलà¥â€à¤Ÿà¥€ होना सामानà¥â€à¤¯ बात है। इसे नॉजिया और वॉमिटिंग इन पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी (à¤à¤¨à¤µà¥€à¤ªà¥€) à¤à¥€ कहा जाता है और इसका सà¥â€à¤ªà¤·à¥â€à¤Ÿ कारण पता नहीं चल पाया है। à¤à¤• थà¥â€à¤¯à¥‹à¤°à¥€ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान शरीर में आने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलावों के कारण à¤à¤¸à¤¾ होता है।दिन या रात में किसी à¤à¥€ समय पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को à¤à¤¨à¤µà¥€à¤ªà¥€ की दिकà¥â€à¤•त हो सकती है। हालांकि, अधिकतर महिलाओं को पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की पहली तिमाही तक ही यह दिकà¥â€à¤•त रहती है लेकिन कà¥à¤› मामलों में यह परेशानी तीसरी तिमाही तक à¤à¥€ रह सकती है।पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में उलà¥à¤Ÿà¥€ कब से शà¥à¤°à¥‚ होती है
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को पहली तिमाही के चौथे से छठे हफà¥à¤¤à¥‡ से ही उलà¥â€à¤Ÿà¥€ की दिकà¥â€à¤•त होने लगती है। इस समय गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में इंपà¥â€à¤²à¤¾à¤‚टेशन पूरा होता है। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ तीन महीने खतà¥â€à¤® होने पर उलà¥â€à¤Ÿà¥€ की शिकायत à¤à¥€ खतà¥â€à¤® हो सकती है। अगर आपकी यह पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥â€à¤²à¤® कम होने की बजाय बढ़ गई है तो इसे हाइपरमेसिâ€à¤¸ गà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤¡à¥‡à¤°à¤® कहते हैं। यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है लेकिन अगर किसी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला काे उलà¥â€à¤Ÿà¥€ का लकà¥à¤·à¤£ नहीं दिख रहा है तो घबराने की कोई बात नहीं है।पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में उलà¥â€à¤Ÿà¥€ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ आती है
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स में उतार चढ़ाव बहà¥à¤¤ आता है और इसी के कारण उलà¥â€à¤Ÿà¥€ हो सकती है। माना जाता है कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के बढ़ने की वजह से उलà¥â€à¤Ÿà¥€ की दिकà¥â€à¤•त होती है। वहीं, पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला के अतà¥â€à¤¯à¤§à¤¿à¤• सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ लेने पर à¤à¥€ उलà¥â€à¤Ÿà¥€ टà¥à¤°à¤¿à¤—र हो सकती है।गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का पाचन तंतà¥à¤° à¤à¥€ कमजोर हो जाता है जिसकी वजह से उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¾à¤°à¥€ चीजें पचाने में दिकà¥â€à¤•त होती है। à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¥€ उलà¥â€à¤Ÿà¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है।पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में उलà¥à¤Ÿà¥€ होने पर कà¥à¤¯à¤¾ करें
सà¥à¤¬à¤¹ नाशà¥â€à¤¤à¥‡ में टोसà¥â€à¤Ÿ, अनाज आदि खाà¤à¤‚। वहीं, रात को सोने से पहले चीज या हाई पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤• खाà¤à¤‚। दिनà¤à¤° फलों का ताजा रस और पानी पीती रहें। à¤à¤• ही बार में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी या जूस पीने की गलती न करें।
हर दो से तीन घंटे में थोड़ा-थोड़ा खाना या सà¥â€à¤¨à¥ˆà¤•à¥â€à¤¸ जरूर खाà¤à¤‚। à¤à¤• बार में ही जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाने से बचें। तेज खà¥à¤¶à¤¬à¥‚ वाली चीजें खाने से बचें।
उलà¥â€à¤Ÿà¥€ रोकने के घरेलू उपाय
कà¥à¤› घरेलू उपायों की मदद से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में उलà¥â€à¤Ÿà¥€ होने की समसà¥â€à¤¯à¤¾ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² किया जा सकता है।
अदरक की चाय : अदरक की चाय उलà¥â€à¤Ÿà¥€ को रोकने के साथ पाचन में सà¥à¤§à¤¾à¤° और à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ कम करती है। आप अदरक का à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा à¤à¥€ चबा सकती हैं।
संतरा : संतरे में सिटà¥à¤°à¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है जिसे सूंघने पर मतली ठीक होती है। आप संतरे का जूस à¤à¥€ पी सकती हैं या इसे सूंघने से à¤à¥€ आराम मिलता है।
नींबू पानी: नींबू खनिज पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से यà¥à¤•à¥â€à¤¤ होता है और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में होने वाली मतली और उलà¥â€à¤Ÿà¥€ को रोकने का à¤à¥€ गà¥à¤£ रखता है।
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